महर्षि वाल्मीकि/ सरदार पटेल
आओ मिलकर आज मनाएं, पावन पर्व महान है,
एक तरफ वाल्मीकि गुरु ,एक तरफ पटेल की शान है।
अनेकता में एकता , इस देश की पहचान है,
हम सब हैं बस हिंदुस्तानी, भारत माँ की जान हैं।
आओ मिलकर आज मनाएं...
1
डाकू से महर्षि बन बैठे, राम का नाम ध्याया था,
तमसा तट पर आदि कवि ने, पहला श्लोक सुनाया था।
रामायण की पावन गंगा, जन-जन तक पहुँचाई थी,
त्याग, समर्पण और धर्म की, अद्भुत अलख जगाई थी।
2
लौह पुरुष सरदार पटेल ने, देश अखंड बनाया था,
देश की सारी रियासतों को, एक धागे में सजाया था।
भेदभाव को भूल के सारे, रन फॉर यूनिटी' गाएंगे,
कश्मीर से कन्याकुमारी, एक ही ध्वज लहराएंगे।
3
जय वाल्मीकि, जय सरदार, गूँज रहा जयकार है,
एकता के इस पावन पथ पर, बढ़ता यह संसार है!
भारत माँ की जान हैं... हम भारत माँ की जान हैं!
अनेकता में एकता , इस देश की पहचान है,
