Tuesday, 6 October 2026

valmiki jayanti , sardar patel jayanti song , geet lyrics @sunilagrahari

महर्षि वाल्मीकि/ सरदार पटेल

आओ मिलकर आज मनाएं, पावन पर्व महान है,
एक तरफ वाल्मीकि गुरु ,एक तरफ पटेल की शान है।
अनेकता में एकता , इस देश की पहचान है, 
हम सब हैं बस हिंदुस्तानी, भारत माँ की जान हैं।
आओ मिलकर आज मनाएं...
1
डाकू से महर्षि बन बैठे, राम का नाम ध्याया था,
तमसा तट पर आदि कवि ने, पहला श्लोक सुनाया था।
रामायण की पावन गंगा, जन-जन तक पहुँचाई थी,
त्याग, समर्पण और धर्म की, अद्भुत अलख जगाई थी।
2
लौह पुरुष सरदार पटेल ने, देश अखंड बनाया था,
देश की सारी रियासतों को, एक धागे में सजाया था।
भेदभाव को भूल के सारे, रन फॉर यूनिटी' गाएंगे,
कश्मीर से कन्याकुमारी, एक ही ध्वज लहराएंगे।
3 
जय वाल्मीकि, जय सरदार, गूँज रहा जयकार है,
एकता के इस पावन पथ पर, बढ़ता यह संसार है!
भारत माँ की जान हैं... हम भारत माँ की जान हैं!
अनेकता में एकता , इस देश की पहचान है,

Thursday, 1 October 2026

BHAJAN PARVATI HANUMAN ANSH HINDI LYRICS @sunilagrahari


 













जब जिद पे आ गई पार्वती,पार्वती, पार्वती
समझाने पहुँचे सप्तऋषि-सप्तऋषि, सप्तऋषि
काय जिद कर रही---काहे खों मर रही
(काय जिद कर रही-काहे खों मर रही
ऐसे वर के लाने)X2
जाके सीस पे गंगा और गले में-डारे फिर रहे साँपX2
इतने सीधे-सादे हैं -सब कहते-भोलेनाथ, भोलेनाथ x2
1
(ना खपरा ना छपरा-ना फूस की धरे मड़ैया
का खावे को धरो वहाँ-बस रोवत रहत लड़ैयाँ)
भेष धरे अवधूत फिरे-अब तुमसे का कहे बिन्नूं
टोडा डंग्गर ले घूमे-वे बिनकें कछुऐ नैयाँ
वे बिनकें कछुऐ नैयाँ
काय जिद कर रही-काहे तप कर रही
काय जिद कर रही-काहे खों मर रही
ऐसे वर के लाने-हाँ ऐसे वर के लाने
(जाके सीस पे गंगा और गले में-डारे फिर रहे साँपX2
इतने सीधे-सादे हैं सब कहते-भोलेनाथ, भोलेनाथx2)
शंभू, शिव शंभू ! भोलेनाथ !
2
(जटा लटा ना कबहूँ सँबारे-दीसत महा भयंकर
मूँड़ पे आधो चंदा और-बैला पे घूमें शंकर)x2
राम नाम के रसिया हैं वे-और उन्हें क्या चाहने
कामदेव के मर्दनहारी-घर-गुहस्थी का जानें
वे घर-गुहस्थी का जानें
काय जिद कर रही-काहे खों मर रही
काय जिद कर रही-काहे तप कर रही
ऐसे वर के लाने बिन्नू-ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँपX2
इतने सीधे-सादे हैं सब कहते
   भोलेनाथ, भोलेनाथx2

भोले बमभोले! भोले बमभोले!
भोले बमभोले! भोले बमभोले!
भोले बमभोले! भोले बमभोले!


translation - sunil agrahari 

Wednesday, 23 September 2026

Bhajan-Guru Vandana lyrics in hindi,Sadguru tumhe pranam @sunilagrahari
















-गुरु वंदना- 


(तुम्ही बंधू , तुम्ही प्यार,
सदगुरु तुम्ही आधार )x 2
तुम्ही सुख , तुम्ही शान्ति x 2 
तुम्ही से, आनंद अपार 
(तुम्ही बंधू , तुम्ही प्यार,
सदगुरु तुम्ही आधार )x 2
Music 
(तुम्ही विद्या , तुम्ही ज्ञान ,
तुम्ही श्रद्धा, तुम्ही ध्यान) x 4
तुम्ही दृष्टी तुम्ही श्रृष्टी x 2
तुम्ही गुण सागर महान ,
(तुम्ही बंधू , तुम्ही प्यार,
सदगुरु तुम्ही आधार )x 2
Music
(तुम्ही शक्ती ,तुम्ही भक्ती ,
तुम्ही कारण, तुम्ही मुक्ती )x 4
तुम्ही सत्व ,तुम्ही तत्व , x 2
तुम्हे अंतर से प्रणाम 
(तुम्ही बंधू , तुम्ही प्यार,
सदगुरु तुम्ही आधार )x 2


Tuesday, 22 September 2026

Bhajan - kaisi lila anupam prabhu ki lyrics in Hindi @sunilagrahari




कैसी लीला अनुपम प्रभुX 2 , की, भक्तो तनिक विचार करो 
केवट से श्री राम कहे X2 मुझे गंगा  पार कराओ  

 1 
लंका तक जाने जब गंगा ,तट पहुंचे रघुराई 
बोले केवट से प्रभु जी ने , अपनी व्यथा सुनाई 
केवट ने भी मन की शंका प्रभु को बतलाई 
नैया ला कर कहे प्रभु से , चरण न इस्पे धाई 
कैसी लीला अनुपम प्रभु की X2, भक्तो तनिक विचार करो 
केवट से श्री राम कहे X2 मुझे गंगा  पार कराओ 
2 
सकुचाया केवट कहे तब से, गई मेरी मति मारी 
चरणों की रज़ लगते सुना है , शिला भई एक नारी 
नाव हुई नारी तो मुझपे हँसेगी दुनिया सारी 
पहले चरण पखारूंगा , तब ही आन पधारो 
 कैसी लीला अनुपम प्रभु कीX2, भक्तो तनिक विचार करो 
केवट से श्री राम कहे X2, मुझे गंगा  पार कराओ 

अनुवाद - सुनील अग्रहरी 


 

Bhajan , Gaurpati shambho hai kailash ke wasi , shiv bhajan #sunilagarahari






शिव भजन 

गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
शिव भक्त हैं  सारे , दर्शन  के अभिलाषी 

 1
जिनके सर पे है, पावन  गंगा 
जिनके गले में सोहे ,सर्प भुजंगा 
महादेव अविनाशी 
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
 2
नमन  करो मन शिव शंकर को 
पूजो  सदा मन नागेश्वर को 
बना लो मन को कशी 
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
3  
महादेव जी दयावान है 
भोलानाथ जी कृपानिधान में 
सारी सृष्टी है दासी 
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
4  
नीलकंठ  है शिव जी हमारे 
दुष्टो को मारे शिव भक्तो को तारे 
भक्तो की हरे उदासी 
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
5  
भक्ति से शिव जैकारा लगाओ 
जो भी चाहो जीवन में पाओ 
आँखे दरश की प्यासी 
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
शिव भक्त हैं  सारे , दर्शन  के अभिलाषी 


अनुवाद - सुनील अग्रहरि