Thursday, 1 October 2026

BHAJAN PARVATI HANUMAN ANSH HINDI LYRICS @sunilagrahari


 













जब जिद पे आ गई पार्वती,पार्वती, पार्वती
समझाने पहुँचे सप्तऋषि-सप्तऋषि, सप्तऋषि
काय जिद कर रही---काहे खों मर रही
(काय जिद कर रही-काहे खों मर रही
ऐसे वर के लाने)X2
जाके सीस पे गंगा और गले में-डारे फिर रहे साँपX2
इतने सीधे-सादे हैं -सब कहते-भोलेनाथ, भोलेनाथ x2
1
(ना खपरा ना छपरा-ना फूस की धरे मड़ैया
का खावे को धरो वहाँ-बस रोवत रहत लड़ैयाँ)
भेष धरे अवधूत फिरे-अब तुमसे का कहे बिन्नूं
टोडा डंग्गर ले घूमे-वे बिनकें कछुऐ नैयाँ
वे बिनकें कछुऐ नैयाँ
काय जिद कर रही-काहे तप कर रही
काय जिद कर रही-काहे खों मर रही
ऐसे वर के लाने-हाँ ऐसे वर के लाने
(जाके सीस पे गंगा और गले में-डारे फिर रहे साँपX2
इतने सीधे-सादे हैं सब कहते-भोलेनाथ, भोलेनाथx2)
शंभू, शिव शंभू ! भोलेनाथ !
2
(जटा लटा ना कबहूँ सँबारे-दीसत महा भयंकर
मूँड़ पे आधो चंदा और-बैला पे घूमें शंकर)x2
राम नाम के रसिया हैं वे-और उन्हें क्या चाहने
कामदेव के मर्दनहारी-घर-गुहस्थी का जानें
वे घर-गुहस्थी का जानें
काय जिद कर रही-काहे खों मर रही
काय जिद कर रही-काहे तप कर रही
ऐसे वर के लाने बिन्नू-ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँपX2
इतने सीधे-सादे हैं सब कहते
   भोलेनाथ, भोलेनाथx2

भोले बमभोले! भोले बमभोले!
भोले बमभोले! भोले बमभोले!
भोले बमभोले! भोले बमभोले!


translation - sunil agrahari 

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