published i Akrosh Magazin May 22
**आवारा आँसू **
सुख दुःख तन्हाई के मौसम में,
कोई आए चाहे ना आए ,
आँखों का घरौंदा छोड़ ज़रूर ,आंसू आवारा आ जाते हैं ,
आँखों के हंसी आशियाने में ,
ये छुप के बैठे रहते हैं ,
ज़ज़्बात के इक आवाज़ पर ,
आंसू आवारा आ जाते हैं,

दिल भारी उथल पुथल में हो ,
इनको न गवारा होता है,
जब तक दिल हल्का न होले ,
आंसू आवारा बहते हैं
सूरते हाल बयाँ करते ,
हर ज़िंदा दिल की आँखों से,
रोक न पाता कोई जब ,
आंसू आवारा होते हैं,
आँखों से निकल कर गालो तक ,
मंज़िल बंजारों सी होती है ,
तासीर में गर्मी होती है ,जब आंसू आवारा होते हैं ,
खुदगर्ज़ मिजाज़ हैं इनके ,
ये वापस कभी ना जाते है ,
लम्बी यादें दे जाते हैं,
जब आंसू आवारा होते हैं...... ...... 29/01/17
