शिव भजन
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
शिव भक्त हैं सारे , दर्शन के अभिलाषी
1
जिनके सर पे है, पावन गंगा
जिनके गले में सोहे ,सर्प भुजंगा
महादेव अविनाशी
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
2
नमन करो मन शिव शंकर को
पूजो सदा मन नागेश्वर को
बना लो मन को कशी
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
3
महादेव जी दयावान है
भोलानाथ जी कृपानिधान में
सारी सृष्टी है दासी
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
4
नीलकंठ है शिव जी हमारे
दुष्टो को मारे शिव भक्तो को तारे
भक्तो की हरे उदासी
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
5
भक्ति से शिव जैकारा लगाओ
जो भी चाहो जीवन में पाओ
आँखे दरश की प्यासी
गौरपति शम्भो है कैलाश के वासी
शिव भक्त हैं सारे , दर्शन के अभिलाषी
अनुवाद - सुनील अग्रहरि