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Monday, 14 September 2020

Hindi divas ki kavita , हिंदी दिवस कविता सुनील अग्रहरि , hindi diwas poem by sunil agrahari



*****हिन्दी भाषा*****

सब भाषाएँ माता है  
हिंदी उन सब की नानी है,

भाषाओं को सिंचित करती  
गंगा अमृत पानी है,

जनमानस  से जुड़ी हुई 

प्यारी सी एक कहानी है

दुनियाँ की भाषाओं में 
हिंदी की छवि सुहानी है

जो लिखते वही पढ़ते हैं
क्या अद्भुत ज़ुबानी है

गर्मी में शीतलता देती 
प्राण दायनी बानी है

संस्कारों से सराबोर ये 
सारी दुनियां ने मानी है 

भारत देश की भाषा हिन्दी 
मातृभूमि की निशानी है ।