Wednesday, 19 February 2020

HUM HONGE KAMYAB हम होंगे कामयाब -सात भाषाओँ में -BY POEM SUNIL AGRAHARI

*We shall overcome song lyrics in multi languages by sunil agrahari*


हम होंगे कामयाब एक दिन गीत सात भाषाओँ में 
  hum honge kaamyab song in hindi,maratrhi, gujrati,bangla,malyama, punjabi.                         

हिन्दी Hindi
होंगे कामयाब होंगे कामयाब
हम होंगे कामयाब एक दिन
हो हो हो मन मे है विश्वास
पुरा है विश्वास हम होंगे कामयाब एक दिन॥धृ॥
होगी शान्ती चारो ओर
होगी शान्ती चारो ओर
होगी शान्ती चारो ओर एक दिन
हो हो हो मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास होगी शांती चारो ओर एक दिन ॥१॥
हम चलेंगे साथ साथ
डाले हाथोमें हाथ
हम चलेंगे साथ साथ एक दिन
हो हो हो मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास हम चलेंगे साथ साथ एक दिन॥२॥
नही डर किसी का आज
नहि भय किसी का आज
नहि डर किसी का आज के दिन
हो हो हो मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास नही डर किसी का आज एक दिन ॥३॥
English 
We shall overcome,
We shall overcome,
We shall overcome, some day.
Oh, deep in my heart,
I do believe
We shall overcome, some day.
We'll walk hand in hand,
We'll walk hand in hand,
We'll walk hand in hand, some day.
Oh, deep in my heart,
I do believe
We shall overcome, some day.
We shall live in peace,

We shall live in peace,
We shall live in peace, some day.
Oh, deep in my heart,

I do believe
We shall overcome, some day.
We are not afraid,

We are not afraid,
We are not afraid, TODAY
Oh, deep…
मराठी  Maratahi 
आम्ही यशस्वी होऊ ,यशस्वी होऊ 
आम्ही एक दिवसात यशस्वी होऊ
हो हो मनावर विश्वास पूर्ण विश्वास ठेवा 
आम्ही एक दिवसात यशस्वी होऊ
 मलयालम malyam
नम्मल जयकुम  नम्मल जयकुम
यंगल ओरु दिवसं  जयकुम
ओ ओ पूर्णा विश्वासम 
यंगल विश्वासम
यंगल ओरु दिवसं  विजयकुम
 पंजाबी punjabi
असी होवांगे कामयाब 
होवांगे कामयाब   
होवांगे कामयाब एक दिन 
हो हो मन्न विच विश्वाश 
पूरा है  विश्वाश 
असी होवांगे कामयाब एक दिन   
 गुजराती gujrati
आपणे सफला थाइसम , आपणे सफला थाइसम 
आमे एका दिवसा  सफला थाइसम
हो हो मनामा  विश्वाश ,सम्पूर्ण विश्वाशछे 
आपणे   एका दिवसा सफला हाबा 
बंगाली bangali
अम्रा शोफ्ला होबे ,अम्रा शोफ्ला होबे 
अम्रा एकदिन शोफ्ला होबे 
हो हो मोनेचे विश्वाश , पूरनोई विश्वाश 
अम्रा शोफ्ले होबे एकदिन


for singing in group

हिन्दी Hindi
होंगे कामयाब होंगे कामयाब
होंगे कामयाब होंगे कामयाब
हम होंगे कामयाब एक दिन
हो हो हो मन मे है विश्वास
पुरा है विश्वास हम होंगे कामयाब एक दिन॥धृ॥
English 
We shall overcome,
We shall overcome,
We shall overcome, some day.
Oh, deep in my heart,
I do believe
We shall overcome, some day.

मराठी  Maratahi 
आम्ही यशस्वी होऊ ,यशस्वी होऊ, 
आम्ही एक दिवसात यशस्वी होऊ
हो हो मनावर विश्वास, पूर्ण विश्वास ठेवा ,
आम्ही एक दिवसात, यशस्वी होऊ
 मलयालम malyam
नम्मल जयकुम  नम्मल जयकुम
यंगल ओरु दिवसं  जयकुम
ओ ओ पूर्णा विश्वासम 
यंगल विश्वासम
यंगल ओरु दिवसं  विजयकुम
 पंजाबी punjabi
असी होवांगे कामयाब 
होवांगे कामयाब   
होवांगे कामयाब एक दिन 
हो हो मन्न विच विश्वाश 
पूरा है  विश्वाश 
असी होवांगे कामयाब एक दिन   
 गुजराती gujrati
आपणे सफला थाइसम , आपणे सफला थाइसम 
आमे एका दिवसा  सफला थाइसम
हो हो मनामा  विश्वाश ,सम्पूर्ण विश्वाशछे 
आपणे   एका दिवसा सफला हाबा 
बंगाली bangali
अम्रा शोफ्ला होबे ,अम्रा शोफ्ला होबे 
अम्रा एकदिन शोफ्ला होबे 
हो हो मोनेचे विश्वाश , पूरनोई विश्वाश 
अम्रा शोफ्ले होबे एकदिन


Wednesday, 12 February 2020

ABOUT MYSELF



ABOUT MYSELF 

मैं श्री सुनील अग्रहरी 2002 से अह्लकॉन इंटरनेशनल में एक संगीत शिक्षक के रूप में काम कर रहा हूँ
मैंने "एरोनॉटिकल इंजीनियर" के रूप में अपनी मुख्य स्ट्रीम की पढ़ाई छोड़ कर अपने संगीत के जुनून को पूरा कर के सबसे अच्छा उदाहरण स्थापित किया है और "सर्वश्रेष्ठ सह-विद्वान शिक्षक पुरस्कार 2017 "प्राप्त किया है। मैं  एक बहुमुखी कलाकार हूँ  ( गायन , गिटार वादन , सिंथेसाइज़र वादन वादन  , बेस गिटार वादन , कविता लेखन , नाटक मंचन, नाटक मंचन संगीत, कॉर्पोरेट  इवेंट , समाज सेवा,इत्यादि )और उन्होंने विविध प्लेटफॉर्मों में AHLCON International SCHOOL का प्रतिनिधित्व किया है.

नाम - सुनिल अग्रहरि
कार्य स्थान- एल्कॉन इंटरनेशनल स्कूल , मयूर विहार , दिल्ली -91
कार्य -  संगीत अध्यापक
पद - एक्टिविटी कोर्डिनेटर
कार्यकाल- २००२ से निरन्तर
वाद्य यंत्र वादन - स्पैनिश गिटार , बेस गिटार , सिंथेसाइज़र वादन वादन , हारमोनियम , परकशन वाद्य यंत्र।
साहित्य- कविता लेखन सभी विषयों पर
साहित्यिक कार्य -

१- कक्षा 6 विज्ञानं  विषय  NCERT  के सभी १६ पाठ को संगीत बद्ध कर के बच्चों के लिए
YOUTUBE PROJECT  किया।
२- मैंने  भाषा और संस्कृति के अंतर्राष्ट्रीय त्योहार (IFLC) अमेरिका वाशिंगटन डीसी में दो बार 2017 और 2018 और भारत मे २०१६ में  भारत की तरफ से अहलकोन इंटरनेशनल स्कूल का प्रतिनिधित्व किया।
३- जर्मन म्यूजिक वर्कशॉप बच्चों के लिए आर्गनाइज्ड किया।
४- ऑस्ट्रेलियन म्यूजिक इंस्टिट्यूट की वर्कशॉप भारत में पहली बार बच्चों के लिए दिल्ली में आर्गनाइज्ड किया।
५- मॉरीशस हिंदी टीचर्स एसोसिएशन की पत्रिका "आक्रोश " में २०१६ से मेरी रचनाये निरंतर प्रकाशित हो रही है।
६-२०१७ में मेरी कविता संग्रह " समय की आहट " प्रकाशित हुई।
७-२०१८ में सर्व भाषा ट्रस्ट की पत्रिका में कविता प्रकाशित हुई।
८-२०१९ में सर्व भाषा ट्रस्ट की कविता संग्रह "समवेत" प्रकाशित हुई।


Mr. Sunil K. Agrahari Has Been Working As A Music Teacher At Ahlcon International Since 2002. He Has Been Holding The Portfolio Of Subject Coordinator (Activity Department). He Left His Main Stream Studies As An “Aeronautical Engineer “And Has Set The Best Example Of Pursing One’s Passion And Achieved Best Co Scholastic Teachers Award 2017 And Special Commendation award 2019 . He Is A Versatile Performer And Has Represented AHLCON INTERNATIONAL SCHOOL At Diverse Platforms, Has Won Accolades And Hearts Of People. He Has Performed At Inter School, State, National And International Level. He Has Been Widely Published In The Field Of Hindi Poetry Both In India And Abroad.
He Represented Two Times 2017 AND 2018 Ahlcon International School In International Festival Of Language And Culture (IFLC) America Washington DC.
 1-Musical Instruments Known – Synthesizer, Spanish Guitar, Bass Guitar, Harmonium and Precaution Instruments  .
2- Anchoring, Acting, Voice Over, Sound Recording, Dancing Etc.
3- Working as Corporate Event Organizer, One Man Shows Performance National and International Level.
4- Educational Workshop - music and math, music and science
5- innovative teaching art integration, I converted class 6th NCERT science book in music Educational song. Its available on my YouTube channel.
6- Received Best Co Scholastic Teachers Award 2017 And 2019.
7- Received Dr. Radha Krishnan Teachers Excellence Award 2019 By BSNL Gov. of India And ALTTC Gzb.
8- Received Teachers honor 2019 by SAKAAR  ngo .
9- Received Teachers poet honor 2019 by “Hindi Vikas munch” .
10- Received Teachers poet honor 2019 by “UDBHAV” ngo
11- Received “Maulana abdul kalam azad  Teachers Excellence Award 2019” By BSNL Gov. of India And ALTTC Gzb
12- Received honor “Rachnatmak Pratibha sikshak samman”2019 by Hindi Vikas Munch delhi.
13- Received honor “kislay magzin sub editor  samman”2019 by Hindi Vikas Munch delhi.

14- Received honor by “BHARAT VIKAS PARISHAD” 




Politics hindi poem , SIYASI MAUSAM सियासी मौसम poem by sunil agrahari







 


Published in India
Jaankari kaal -Delhi
February 21


क्या जानो कैसे पहचानो की
सियासी मौसम आया है
हर मौसम की जब वाट लगे  
तो सियासी  मौसम आया है 

नेताओ के झंडे बदलने लगे
नेता जी सब से  मिलने लगे
दो धुर विरोधी मिलने लगे 
तो सियासी  मौसम आया है

जब रोड के  गड्ढे भरने  लगे
फुटपाथ पे टाईल लगने लगे
सड़के नाली  साफ़ होने लगे
तो सियासी  मौसम आया है

जब पुलिस  FIR लिखने लगे
गुंडों की ज़मानत होने लगे
पुराने घोटाले  निकलने लगे 
तो सियासी मौसम आया है

राशन कार्ड  सर्वे  होने लगे
वोटर कार्ड बनाने लगे
अस्पताल दवाये देने  लगे
तो सियासी  मौसम आया है

धर्मों पे  बहस जब होने लगे
और धरने प्रदर्शन होने लगे
आरक्षण चर्चा होने  लगे 
तो सियासी  मौसम आया है

हर बात पे ऊँगली उठने लगे
जब विपक्ष सवाल उठाने लगे
बदज़ुबान सियासत होने लगे  
तो सियासी  मौसम आया है

कालाबाज़ारी बढ़ने लगे
प्याज टमाटर छुपने लगे 
जब मुफ्त का माल मिलने लगे
तो सियासी  मौसम आया है

जब सैनिको के शहादत  पर  
गद्दार  सियासत होने लगे 
देश के टुकड़े करने को 
आज़ादी के नारे लगने लगे 
तो सियासी  मौसम आया है


सुनील अग्रहरी 



Friday, 10 January 2020

HUMKO JIWAN DENE WALE PRAYER KEYBOARD NOTATION AND LYRICS हमको जीवन देनेवाले- BY SUNIL AGRAHARI



























*****हमको जीवन  देनेवाले ***** 

हमको जीवन  देने वाले , देना  हमको ये  वरदान 
विद्या और कला हम सीखें , बन जाएअच्छे इंसान 

खुद को हम कमज़ोर ना समझे , ना समझे लाचार कभी 
जब तक मंज़िल को ना पालें ,हम ना माने हार कभी 
हिम्मत और लगन से अपनी ,हर मुश्किल कर दे आसान 

विद्या दान  करें हम सब को ,  ये संकल्प हमारा हो 
ज्ञान का सूरज ऐसा चमके ,  हर मन में उजियारा हो 
धरती पर सब के जीवन से  , मिट जाए सारा अज्ञान 
Humko jiwan dene wale -prayer 


SCALE- C# MAJOR
C#D#FF#G#A#C2C#2
CHORDS
C#=C#FG#
G#=CD#G#
F#=C#F#G#
D#=D#GA#

BEAT(STYLE )
WALTZ- 3/4 
TEMPO / SPEED
140


हमकोC# जीवन  देने  SS     वाले 
C#G# GG#    GG#GG#  FF#
 देना     S  S     हमको     ये G# वरदान  C#
G#C#2C2A#  G#GG#  D       FF#F
विद्या G#और   कलाC#S  ह   म     S  S  C#सीखें 
C2C2    C2  C2A#C2A#C#2 C2A#    G#GG# 
बनD#  जाएC#   अच्छेG#   इंसान C#
G        GA#GF   FD#  FD#C#

STANZA-1
खुदG# को  हम  कमज़ोC#  SSर      ना  C# समझे 
C2      C2  C2 C2A#C2A#C#2   C2A#   G#GG#
ना D#समझे C#  लाचारG#  कभी 
G     GA#GF    FD#F      D#C#
जबG#तक मंज़िल   को S    ना S     S   S  C#पालें 
C2    C2 C2C2  A#C2   A#C#2 C2C#2   G#GG#
हम D#ना     मानेC#  G# हार     C#कभी
G      GA#  GF  D#F    D#F    D#C# 
हिम्मतC#और लगन से अपनी , 
C#G#     GG#  GG#GG#  FF#
हर  मुश्किल         कर G#दे   C#आसान
G#  C#2C2A#G# G#      D#        FF#F
विद्याG# और    कला S  हम   S S   C#सीखें 
C2C2 C2  C2A#C2A#C#2C2A#   G#GG#  
बनD# जाए C# अच्छे   C#इंसान 
GG  A#GF      FD#      FD#C#

STANZA-2

विद्या   दान  करें s   हम s    s    s       सब को
C2C2 C2  C2A#C2A#C#2C2A#     G#GG#
ये संकल्प      हमारा  हो
G  GA#GF  FD#F D#C# 
ज्ञान का सूरज    ऐ   s सा s     s  s       चमके
C2  C2 C2C2  A#C2A#C#2C2A#   G#GG# 
हर मन     में    उजियारा       हो
G  GA#  GF  FFD#FD#F  D#C# 
धरती पर सब      के    जीSS  वन से
C#G# G G#G#   G  G#GG#   FF#
मिट जा  S S   ए      सारा      अज्ञान
G#  C#2C2A#G#    G# D#    FF#F





Wednesday, 18 December 2019

सौदा खरा खरा


                    sauda khara sauda khara lyrics in hindi

                                        सौदा खरा खरा 


दिल देना दिल लेना है  सौदा खरा खरा x4
दिल दे सौदे विच ना चलदी ना चंडी न सोना 
दिल डा सौदा करिये  बस के 
जावे जान दे जांदी जे सौदा।।।।।।।।।।
जे  सौदा खरा खरा

दिल दे सौदे खातिर रांझे 
छाड़ियाँ तखत हज़ारा 
फिर भी अक्खा लगदा मैनु 
सौदा सस्ता यारा के सौदा खरा खरा 

दिल दे सौदे विच ना चलदी 
दूजी कोई दलाली 
एक होव दिल वाला ते बस 
एक होव दिल वाली ते सौदा 
दिल देना दिल लेना है  सौदा खरा खरा x4
दिल देना दिल लेना है  सौदा खरा खरा x4

Saturday, 16 November 2019

Article on Contributions of Indian music- to promote Hindi language -हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में शास्त्रीय एवं सरल संगीत की भूमिका

                    


Professor  Harvindar sing ji 

professor and vocalist Hindustani classical music 

member of RAC at indian council for cultural relation

air classical singer 

               
                     
हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में शास्त्रीय एवं सरल संगीत की भूमिका 


सुनिल - गुरु जी आप पुरे विश्व में हिंदुस्तानी  शास्त्रीय संगीत के प्रचार प्रसार  के लिए  आते जाते रहते है,    मैं आप से समझना चाहता हूँ की हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार में शास्त्रीय एवं सरल संगीत की क्या भूमिका  है ?

 गुरु जी -जिस तरह साहित्य और समाज का आपस में गहरा सम्बन्ध होता है ठीक उसी तरह भाषा और सभ्याचार  का आपसी सम्बन्ध होता है , जैसे जैसे जीवन सभ्याचारक होता गया वैसे वैसे भाषा विकास करती गई।
भाषा मनुष्य के बौद्धिक विकास तथा उनके  कलात्मक शिखर का प्रतीक है ,हम मनुष्य के विचारों तथा अनुभवों को भाषा द्वारा ही समझ सकते है।भाषा की अमीरी या प्रफुल्लता से किसी जाति की सभ्यता एवं संस्कृति  के उच्च या निम्न स्तर का पता लगता है , जिस देश की भाषा जितनी अमीर होगी उस देश की सभ्यता उतनी ही उच्च स्तर की  होगी।

संगीत तथा भाषा का साहित्य परस्पर पूरक है ,दोनों का प्रधान लक्ष्य भाव अभिव्यक्ति है एवं दोनों का आधार स्वर तथा भाषा है, जिन भावों को संगीत द्वारा  प्रकट नहीं किया जा सकता वो भाषा द्वारा संभव होते है  और जिन भावों को व्यक्त करने में  भाषा असमर्थ होती है उन्हें संगीत द्वारा प्रकट किया जा सकता है !
इसी लिए कहा जा सकता है काव्य संगीत का अलंकार है ,संगीत रचना के सम्बन्ध में मान कौतुहल ग्रन्थ में कहा गया है कि  श्रेष्ठ गायक तथा रचयिता को व्याकरण, पिंगल , अलंकार , रस , भाव , देशाचार , लोकाचार के साथ  शब्द ज्ञान में भी प्रवीण होना चाहिये !
इस दृष्टि से भारतीय शास्त्रीय संगीत का हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में विशेष योगदान रहा है, भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक लम्बी परम्परा रही है ,भारत वर्ष में मूल रूप से संगीत की दो पद्धतियां प्रचलित है , एक तो कर्नाटक या दक्षिण भारतीय संगीत पद्धति और दूसरी उतर भारतीय संगीत ,दक्षिण भारतीय संगीत पद्धति का  प्रचलन  कर्णाटक,तमिलनाडु,तेलंगाना ,आंध्रा ,तथा केरल राज्यों में ही है लेकिन आज सम्पूर्ण भारत के साथ साथ दक्षिण भारत  में भी हिंदी गायन की सभी विधाएँ  बहुत प्रचलित हो रही है , यहाँ पर भी देखा जाय तो हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में संगीत का योगदान प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है।

 

सुनील- गुरु जी, कृपया हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति में प्रमुख रूप से गई जाने वाली  गायन शैलियों के बारे कुछ बताएं। 

गुरु जी -आज सम्पूर्ण भारत वर्ष में  हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति में प्रमुख रूप से गई जाने वाली  गायन शैलीया ,ध्रुपद ,धमार, ख्याल, टप्पा ,तराना, सादरा ,ठुमरी, दादरा ,सरल संगीत , फिल्म संगीत इत्यादि हिन्दी भाषा को अपने में समाहित किये हुए देश विदेश में सम्मान के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है।


हिन्दुस्तानी संगीत में ध्रुपद धमार एवं ख्याल  के विभिन्न  घरानो और उससे सम्बंधित संगीतज्ञों ने अपनी अमूल्य रचनाओं , बन्दिशों द्वारा हिन्दी भाषा तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया है , हिन्दुस्तानी संगीत में शास्त्रीय गायन की भिन्न भिन्न रचनाओं बंदिशों की भाषा ,हिन्दी ,उर्दू ,संस्कृत ,राजस्थानी , ब्रज , पंजाबी तथा कुछ क्षेत्रीय भाषाओँ से सम्बंधित रही है लेकिन इन सब में हिन्दी भाषा की रचनाये प्रमुख स्थान रखती है।  इन हिन्दी रचनाओं को केवल हिन्दी भाषी संगीतकार  ही नहीं अपितु दूसरी भाषा के विभिन्न संगीत गायको में सीना-बा-सीना गाई तथा सिखाई जाती है।ख्याल गायन से पहले जब ध्रुपद , धमार गायन शैली का बोलबाला था तब भी उसकी समस्त रचनाये हिन्दी भाषा में ही प्राप्ति होती है तथा आज भी ध्रुपद तथा धमार गायको द्वारा गई जाती है।

१८वी शताब्दी के पूर्वार्ध में मुग़ल सम्राट मुहम्मद शाह रंगीले  के  दरबारी गायको सदारंग तथा अदारंग आदि के सन्दर्भ में विशेषरूप से  मिलता है जिन्होंने हज़ारो की संख्या में हिन्दी, ब्रजभाषा , पंजाबी भाषा
में ख्याल की बंदिशों की रचना कर भारतीय शास्त्रीय संगीत विधा द्वारा हिन्दी भाषा की उन्नति में श्रेष्ठ योगदान दिया।
हिन्दी भाषाई  रचनाओं को भारतीय साहित्य के प्रसंग में देखे तो इनमे हिंदी काव्य धारा की अमीर परंपरा स्पस्ट रूप से झलकती  है। भाषा के पक्ष में ये  रचनाये हिन्दी काव्य की महत्वपूर्ण कृतियां है तथा ये हिन्दी भाषायी शास्त्रीय गायन रचनाएँ विभिन्न संगीतकारो द्वारा सदियों का सफर तय करते हुए परम्परा के रूप में आज हमारे तक पहुंची है।


सुनील- गुरु जी ,हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में  फिल्म संगीत एक बड़ा माध्यम बन कर उभरा है , आप इसको किस तरह से देखते  है ?

गुरु जी -आज संगीत कलाकारों के परस्पर आदान प्रदान से हिन्दी भाषा में गाये जाने वाले ख्याल जहाँ पर क्षेत्रीय भाषाओं का बोलबाला है वहां तथा अन्य सभी देशों में भी सुनने को मिलने लगे है ।

अगर हम विदेशो में हिन्दी की बात करे तो पकिस्तान ,अफगानिस्तान , बांगला देश , भूटान,नेपाल, मॉरीशस , सूरीनाम त्रिनिदाद, अमरीका ,रूस ,जापान ,चीन, फिजी ,कनाडा , सिंगापोर जैसे देशों में  हिन्दी  सिखने और बोलने की प्रवृति बढ़ रही है और इन सब के पीछे हिन्दी संगीत का बहुत बड़ा योगदान है , फिल्म संगीत पिछले ८ दशकों से हिन्दी प्रचार प्रसार में  एक बड़ा माध्यम बन कर उभरा है  , हिन्दी फिल्म के संवाद एवं गीत सारी दुनिया  में हिन्दी सिखने में मदद कर रहे है ,लोग जाने अनजाने हिन्दी रूचि अनुसार गीत गुनगुनाते है फिल्म देखते है और कब संगीत के माध्यम से हिन्दी उनके जीवन में प्रवेश कर जाती है उन्हें पता ही नहीं चलता।
 
ये वो लोग हैं जिनको हिन्दी भाषा नहीं आती लेकिन वो हिन्दी गीत आनंद पूर्वक गाते है क्यों की उनको तो उस गीत का संगीत अच्छा लगता है और वो व्यक्ति संगीत के माध्यम से हिन्दी गीत शब्द साथ साथ बोलता है परिणाम,स्वरूप  कुछ दिन बाद वो हिन्दी  बोलने भी लगता  है , ये संगीत का प्रभाव है, महत्वपूर्ण और सर्वसिद्ध बात ये है की हिन्दी भाषा पूर्ण रूप से  वैज्ञानिक भाषा है क्यों की हम जो बोलते  है वही लिखते है और अगर ये हिन्दी संगीत के साथ होता है तो व्यक्ति चमत्कारिक रूप से संगीत के साथ साथ हिन्दी भी बहुत आसनी से बोलने ,समझने  लग जाता है। 

ये सारी बाते किताबी नहीं है अपितु ये मेरे संगीत जीवन के सफर के सत्य अनुभव हैं , इस लिए मैं ये कह सकता हूँ की हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में भारतीय शास्त्रीय एवं सरल संगीत का बहुत महान योगदान है।

अंत में मैं अपने पूर्ण अनुभव से  हिन्दी साहित्य संगीत के बारे में एक बात कहना चाहूंगा , उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत की ख्याल शैली जिसका स्वरुप १८वी  शताब्दी के पूर्वार्ध  में स्पष्ट हुआ, वो आज के समय में संगीत की सभी विधाओं पर छाई हुई है तथा यह शैली भारतीय संगीत की आधुनिकतम शैली है जिसकी भाषा हिन्दी है , ख्याल का शाब्दिक अर्थ  है - विचार , ध्यान , कल्पना , भावना , अनुमान आदि जो की मनुष्य को सीधे तौर से उसकी  वास्तविकता से जोड़ती है और मेरा विश्वास है जो जोड़ता है वही बढ़ता , इसी लिए हिन्दी भाषा में संगीत का योगदान प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से था , है और अनवरत रहेगा। सुनील- गुरु जी हमारा ज्ञान वर्धन करने के लिए आप का बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद। 

 

सुनील अग्रहरी 

Ahlcon international school 

delhi 

 






                       Article on Contributions of Indian music to promote Hindi language                
                         हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में शास्त्रीय एवं सरल संगीत की भूमिका 
सुनिल - हमारे देश की भाषा हिंदी है और  विडम्बना ये है की अपने ही देश में हिंदी की स्थिति पहले बहुत अच्छी नहीं  थी लेकिन विभिन माध्यमों के द्वारा  अब हिंदी भाषा की स्थिति अब पहल तुलना में कहाँ देखते है?
गुरु जी -जिस तरह साहित्य और समाज का आपस में गहरा सम्बन्ध होता है ठीक उसी तरह भाषा और सभ्याचार  का आपसी सम्बन्ध होता है , जैसे जैसे जीवन सभ्याचारक होता गया वैसे वैसे भाषा विकास करती गई।
भाषा मनुष्य के बौद्धिक विकास तथा उनके  कलात्मक शिखर का प्रतीक है ,हम मनुष्य के विचारों तथा अनुभवों को भाषा द्वारा ही समझ सकते है।भाषा की अमीरी या प्रफुल्लता से किसी जाति की सभ्यता एवं संस्कृति  के उच्च या निम्न स्तर का पता लगता है , जिस देश की भाषा जितनी अमीर होगी उस देश की सभ्यता उतनी ही उच्च स्तर की  होगी।
संगीत तथा भाषा का साहित्य परस्पर पूरक है ,दोनों का प्रधान लक्ष्य भाव अभिव्यक्ति है एवं दोनों का आधार स्वर तथा भाषा है, जिन भावों को संगीत द्वारा  प्रकट नहीं किया जा सकता वो भाषा द्वारा संभव होते है  और जिन भावों को व्यक्त करने में  भाषा असमर्थ होती है उन्हें संगीत द्वारा प्रकट किया जा सकता है !
इसी लिए कहा जा सकता है काव्य संगीत का अलंकार है ,संगीत रचना के सम्बन्ध में मान कौतुहल ग्रन्थ में कहा गया है कि  श्रेष्ठ गायक तथा रचयिता को व्याकरण, पिंगल , अलंकार , रस , भाव , देशाचार , लोकाचार के साथ शब्द ज्ञान में भी प्रवीण होना चाहिये !

इस दृष्टि से भारतीय शास्त्रीय संगीत का हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में विशेष योगदान रहा है, भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक लम्बी परम्परा रही है ,भारत वर्ष में मूल रूप से संगीत की दो पद्धतियां प्रचलित है , एक तो कर्नाटक या दक्षिण भारतीय संगीत पद्धति और दूसरी उतर भारतीय संगीत ,दक्षिण भारतीय संगीत पद्धति का  प्रचलन  कर्णाटक,तमिलनाडु,तेलंगाना ,आंध्रा ,तथा केरल राज्यों में ही है लेकिन आज सम्पूर्ण भारत के साथ साथ दक्षिण भारत  में भी हिंदी गायन की सभी विधाएँ  बहुत प्रचलित हो रही है , यहाँ पर भी देखा जाय तो हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में संगीत का योगदान प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है।

आज सम्पूर्ण भारत वर्ष में  हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति में प्रमुख रूप से गाई  जाने वाली  गायन शैलीया ,ध्रुपद ,धमार, ख्याल, टप्पा ,तराना, सादरा ,ठुमरी, दादरा ,सरल संगीत , फिल्म संगीत इत्यादि हिन्दी भाषा को अपने में समाहित किये हुए देश विदेश में सम्मान के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है।

हिन्दुस्तानी संगीत में ध्रुपद धमार एवं ख्याल  के विभिन्न  घरानो और उससे सम्बंधित संगीतज्ञों ने अपनी अमूल्य रचनाओं , बन्दिशों द्वारा हिन्दी भाषा तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया है , हिन्दुस्तानी संगीत में शास्त्रीय गायन की भिन्न भिन्न रचनाओं बंदिशों की भाषा ,हिन्दी ,उर्दू ,संस्कृत ,राजस्थानी , ब्रज , पंजाबी तथा कुछ क्षेत्रीय भाषाओँ से सम्बंधित रही है लेकिन इन सब में हिन्दी भाषा की रचनाये प्रमुख स्थान रखती है।  इन हिन्दी रचनाओं को केवल हिन्दी भाषी संगीतकार  ही नहीं अपितु दूसरी भाषा के विभिन्न संगीत गायको में सीना-बा-सीना गाई तथा सिखाई जाती है।ख्याल गायन से पहले जब ध्रुपद , धमार गायन शैली का बोलबाला था तब भी उसकी समस्त रचनाये हिन्दी भाषा में ही प्राप्ति होती है तथा आज भी ध्रुपद तथा धमार गायको द्वारा गई जाती है।

१८वी शताब्दी के पूर्वार्ध में मुग़ल सम्राट मुहम्मद शाह रंगीले  के  दरबारी गायको सदारंग तथा अदारंग आदि के सन्दर्भ में विशेषरूप से  मिलता है जिन्होंने हज़ारो की संख्या में हिन्दी, ब्रजभाषा , पंजाबी भाषा
में ख्याल की बंदिशों की रचना कर भारतीय शास्त्रीय संगीत विधा द्वारा हिन्दी भाषा की उन्नति में श्रेष्ठ योगदान दिया।
हिन्दी भाषाई  रचनाओं को भारतीय साहित्य के प्रसंग में देखे तो इनमे हिंदी काव्य धारा की अमीर परंपरा स्पस्ट रूप से झलकती  है। भाषा के पक्ष में ये  रचनाये हिन्दी काव्य की महत्वपूर्ण कृतियां है तथा ये हिन्दी भाषायी शास्त्रीय गायन रचनाएँ विभिन्न संगीतकारो द्वारा सदियों का सफर तय करते हुए परम्परा के रूप में आज हमारे तक पहुंची है।

आज संगीत कलाकारों के परस्पर आदान प्रदान से हिन्दी भाषा में गाये जाने वाले ख्याल जहाँ पर क्षेत्रीय भाषाओं का बोलबाला है वहां तथा अन्य सभी देशों में भी सुनने को मिलने लगे है ।
अगर हम विदेशो में हिन्दी की बात करे तो पकिस्तान ,अफगानिस्तान , बांगला देश , भूटान,नेपाल, मॉरीशस , सूरीनाम त्रिनिदाद, अमरीका ,रूस ,जापान ,चीन, फिजी ,कनाडा , सिंगापोर जैसे देशों में  हिन्दी  सिखने और बोलने की प्रवृति बढ़ रही है और इन सब के पीछे हिन्दी संगीत का बहुत बड़ा योगदान है , फिल्म संगीत पिछले ८ दशकों से हिन्दी प्रचार प्रसार में  एक बड़ा माध्यम बन कर उभरा है  , हिन्दी फिल्म के संवाद एवं गीत सारी दुनिया  में हिन्दी सिखने में मदद कर रहे है ,लोग जाने अनजाने हिन्दी रूचि अनुसार गीत गुनगुनाते है फिल्म देखते है और कब संगीत के माध्यम से हिन्दी उनके जीवन में प्रवेश कर जाती है उन्हें पता ही नहीं चलता।
 ये वो लोग हैं जिनको हिन्दी भाषा नहीं आती लेकिन वो हिन्दी गीत आनंद पूर्वक गाते है क्यों की उनको तो उस गीत का संगीत अच्छा लगता है और वो व्यक्ति संगीत के माध्यम से हिन्दी गीत शब्द साथ साथ बोलता है परिणाम,स्वरूप  कुछ दिन बाद वो हिन्दी  बोलने भी लगता  है , ये संगीत का प्रभाव है, महत्वपूर्ण और सर्वसिद्ध बात ये है की हिन्दी भाषा पूर्ण रूप से  वैज्ञानिक भाषा है क्यों की हम जो बोलते  है वही लिखते है और अगर ये हिन्दी संगीत के साथ होता है तो व्यक्ति चमत्कारिक रूप से संगीत के साथ साथ हिन्दी भी बहुत आसनी से बोलने ,समझने  लग जाता है। 
ये सारी बाते किताबी नहीं है अपितु ये मेरे संगीत जीवन के सफर के सत्य अनुभव हैं , इस लिए मैं ये कह सकता हूँ की हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में भारतीय शास्त्रीय एवं सरल संगीत का बहुत महान योगदान है।

अंत में मैं अपने पूर्ण अनुभव से  हिन्दी साहित्य संगीत के बारे में एक बात कहना चाहूंगा , उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत की ख्याल शैली जिसका स्वरुप १८वी  शताब्दी के पूर्वार्ध  में स्पष्ट हुआ, वो आज के समय में संगीत की सभी विधाओं पर छाई हुई है तथा यह शैली भारतीय संगीत की आधुनिकतम शैली है जिसकी भाषा हिन्दी है , ख्याल का शाब्दिक अर्थ  है - विचार , ध्यान , कल्पना , भावना , अनुमान आदि जो की मनुष्य को सीधे तौर से उसकी  वास्तविकता से जोड़ती है और मेरा विश्वास है जो जोड़ता है वही बढ़ता , इसी लिए हिन्दी भाषा में संगीत का योगदान प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से था , है और अनवरत रहेगा। 


                  Article on-Contribution of Indian music in the promotion of Hindi language

 









Sunday, 10 November 2019

SDG goals song lyrics , sdgs anthem lyrics by sunil agrahari











SDGs Anthem by sunil agrahari 

SDG goals song lyrics 

sdg goals 17 sdg goals
targets 169 For ,17 goals
“leaving no one behind”
i do believe
that we will achieve sdg goals
1
No Poverty, Zero Hunger, X2
we will remove from the world
hooo i do believe i do believe
that we will achieve sdg goals
2
Good Health and, Well-being X2
Quality Education, Gender Equality
hooo i do believe i do believe
that we will transform our world
3
Clean Water and Sanitation X2
Affordable and Clean Energy
hooo i do believe i do believe
that we will transform our world
4
Decent Work, Economic Growth x 2
Industry, Innovation and Infrastructure
Sustainable Cities and Communities
Reduced Inequality one day
     5

Responsible Consumption and Production
Life Below Water, Climate Action
Life on Land, i do believe
that we will achieve sdg goals
6
Peace and Justice Strong Institutions,
Partnerships to achieve the Goal
hooo i do believe i do believe
that we will achieve sdg goals




Composed by
Sunil Agrahari
Coordinator Activity Department 
Music teacher and poet
Ahlcon International School 




Thursday, 10 October 2019

NIDAN GEET निदान गीत- BY SUNIL AGRAHARI

 ******NIDAN ANTHEM*****

          SELF MOTIVATIONAL SONG IN HINDI 

                                    

                                      

  *****निदान गीत *****

आओ करे शुभ काज , छोड़े कदमो के निशान 
हल मुश्किलों का ढूढें , और उनका करे निदान 

प्यारे से इस जीवन के सुख दुःख दो मेहमान 
 सुख तो खुशियां देता है दुख लेता इम्तहान 

संस्कृति  की इस धरती पर करे शोध अनुसंधान 
 बोये ज्ञान विज्ञान का बीज ,बने शिक्षा के किसान 
हर पल निज खुशियों के खातिर जीता है इंसान 
आओ जिए औरों के खातिर ,करें समाज उत्थान 

मानवता जीवित  रहे सब हों एक सामान 
जन जन भागिदार हों,सफल करें अभियान 



Thursday, 3 October 2019

POEM ON SINGLE USE PLASTIC IN HINDI

  






POEM ON SINGLE USE PLASTIC IN HINDI

*****प्लास्टिक का रावण*****

प्लास्टिक का रावण तब ही मरेगा 
जब इंन्सा इसका विभीषण बनेगा 
हमी ने बुलाया हमी ने बैठाया
प्रदूषण का रावण हमने बनाया 
धीरे धीरे प्लास्टिक सब में समाया 
सारी दुनिया में अब पैर है जमाया 

जीने की खातिर क्या कर दिया
जहर को हमने अमृत समझ लिया
हमारा ही वंश कल को आएगा 
प्रदूषण से जान मुश्किल में पाएगा 
पहले भी तो हम तुम रहते ही थे 
ज़रूरतें सारी  पूरी हम करते ही थे
आओ हम रहे जिए पहले जैसे 
मुश्किल होगी पर रह लेंगे ऐसे वैसे

गलती तो हम तुम, कर ही चुके है 
प्लास्टिक के मेहमान घर ला चुके है 

ये दुनिया मिटटी में मिल जाएगी 
प्लास्टिक की दुनिया रह जायगी





Wednesday, 2 October 2019

poem on drugs, ANDAZE NASHA , अन्दाज़े नशा POEM BY SUNIL AGRAHARI

 poem on drug addiction in hindi 

    



Published in Jankari kaal , magazine November 2021 

*****अन्दाज़े नशा *****

   दुर्दशा है जीवन की नशे की दिशा    
   उजाला है जीवन ना लाओ निशा 

  ज़िल्लत की मौत नशे से क्यूँ मरे
 बदल दें हम अपनें अन्दाज़े नशा 

 मुश्किल से कितने ये नर तन मिला 
 ना मारो इस रूह को कर के नशा 

मादक हो लत तो इन्सा खुद मरता है 
आओ हम करें मकसद जीने का नशा 
  
  है कितने ही दुनिया में पिछड़े यहाँ 
 आओ सब की तरक्की का कर लें नशा 

 नफरतों के नशे से क्यों बर्बाद हो 
आओ हम करे भाईचारे  का नशा 

इस जहाँ में  रुगबत तलब हर जगह 
ग़ुरबत मिटाने का आओ कर ले  नशा 

फैला है चहुँ ओर आतंक अन्याय  
आओ हम करें इंसानियत का नशा 

 ज़ाहिल  न जाने ही कितने यहाँ  
 आओ फैलायें हम इल्म  का नशा 

   लत नशे से बचे , रोक ले औरों को 
  आओ मिल कर सुधारें दुनियाँ की दशा  



सुनील अग्रहरि 

एलकोन इंटरनेशनल स्कूल 
मयूर विहार - फेज -१ 
दिल्ली -९१  

रुगबत -भूख  ,
तलब -प्यास -तृष्णा
ज़ाहिल- अनपढ़ 
मादक - नशीला 

POEM ON DRUG ADDICTION     

 POEM ON NASHA MUKTI